ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियों को विभिन्न ट्रेडों में विभाग द्वारा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है जिससे प्रशिक्षित युवक-युवतियों को स्वरोजगार स्थापित बैकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। प्रशिक्षण विभिन्न ट्रेडों में दिया जाता है। साथ-साथ व्यवसाय हेतु कच्चामाल/विपणन एवं वित्तीय व्यवस्था के संबंध में व्यवहारिक ज्ञान कराया जाता है।